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भुईयां समाज को आदिम जनजाति का दर्जा देने की मांग, हजारीबाग महापंचायत में सामाजिक एकजुटता पर जोर

हजारीबाग। जन विकास केंद्र, हजारीबाग में सोमवार को भुईयां समाज की महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में समाज की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ भुईयां जाति को पूरे देश में आदिम जनजाति का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कार्यक्रम में भुईयां समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह झारखंड के पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

महापंचायत को संबोधित करते हुए दुलाल भुईयां ने कहा कि समाज के विकास के लिए सबसे जरूरी है कि सभी लोग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि भुईयां समाज को देशभर में आदिम जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए संगठित प्रयास किया जाएगा। समाज की एकता और अधिकारों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होंने समाज के प्रत्येक परिवार से सामाजिक फंड मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि हर परिवार प्रतिदिन एक मुट्ठी चावल और एक रुपये का संग्रह करे। इससे तैयार होने वाले फंड का उपयोग गरीब बच्चों की स्कूली और उच्च शिक्षा, जरूरतमंद परिवारों के बेहतर इलाज तथा कमजोर वर्ग के आर्थिक उत्थान में किया जा सकेगा।

दुलाल भुईयां ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज में नशामुक्ति अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने दहेज प्रथा के खिलाफ सामाजिक स्तर पर मजबूती से आवाज उठाने और शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की। उनका कहना था कि शिक्षा और सामाजिक एकजुटता के बिना समाज का स्थायी विकास संभव नहीं है।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप भुईयां, विशिष्ट अतिथि नुनु लाल भुईयां, हजारीबाग जिलाध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, बड़कागांव प्रमुख हेमंत भुईयां समेत कई पदाधिकारी और समाज के लोग मौजूद रहे। संचालन जिला सचिव रंजीत राम भुईयां ने किया।

महापंचायत के दूसरे चरण के तहत हजारीबाग में कार्यक्रम के बाद दुलाल भुईयां मंगलवार को कोडरमा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। महापंचायत में भुईयां समाज की एकजुटता, शिक्षा, नशामुक्ति, दहेज प्रथा उन्मूलन और सामाजिक फंड को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

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