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*सीलफोड़ी में विधिक जागरूकता शिविर, रैली और नुक्कड़ नाटक से ग्रामीणों को दी कानूनी अधिकारों की जानकारी*

चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में चल रहे 60 दिवसीय मेगा जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से सीलफोड़ी गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएलएसए के सचिव रवि चौधरी ने की।

शिविर में रवि चौधरी ने ग्रामीणों को नालसा की वीर परिवार सहायता योजना, ई-श्रम कार्ड सहित वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें निःशुल्क अधिवक्ता, कानूनी सलाह, लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय मामलों का त्वरित निपटारा तथा पीड़ितों को सहायता शामिल है।

उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता के लिए ग्रामीण व्यवहार न्यायालय चाईबासा, अनुमंडल न्यायालय चक्रधरपुर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण अधिनियम, 2007 और विभिन्न पेंशन योजनाओं के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।

बाल कल्याण के लिए संचालित स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी देते हुए सचिव ने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत अनाथ, एकल अभिभावक वाले तथा आर्थिक रूप से कमजोर और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए यह योजना लागू है। इसके तहत बच्चों की शिक्षा, पोषण और देखभाल के लिए प्रतिमाह 4,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है, ताकि बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार के साथ रखा जा सके।

मौके पर उप एलएडीसी सुरेंद्र दास ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में पीड़ित परिवार MACT में मुआवजे के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल बिल जैसे दस्तावेज आवश्यक होते हैं। ऐसे मामलों में डीएलएसए की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान पीएलवी की टीम ने नुक्कड़ नाटक और रैली के माध्यम से मानव तस्करी, बाल विवाह और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कानूनी अधिकारों और सहायता की जानकारी सरल भाषा में दी गई, जिसे ग्रामीणों ने सराहा।

शिविर में मुंडा लोकनाथ समद, मुखिया मेलानी बोदरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और वृद्धजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में रवि चौधरी ने लोगों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में डीएलएसए की सहायता लेने की अपील की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिकार मित्र श्वेता रवानी, राजशेखर रवानी, पिंकी बोदरा, अनीता बोदरा, रीना प्रधान, राहुल प्रधान, देवब्रत, जयकिशन प्रधान, राजमुनि गगराई और कारण कुंभकार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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