चाईबासा। बाइक दुर्घटना के बाद बीमा दावा खारिज करना बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पश्चिमी सिंहभूम ने कंपनी को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता मनोज कुमार यादव के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी को कुल 47,360 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। आदेश 2 सितंबर 2026 को जारी किया गया।
हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के बांदा कुंडियाधार निवासी मनोज कुमार यादव ने अपनी रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल का बीमा बजाज एलियांज से कराया था। बीमा पॉलिसी 9 सितंबर 2024 से 8 सितंबर 2025 तक प्रभावी थी। 26 फरवरी 2025 को दुर्घटना में बाइक क्षतिग्रस्त होने के बाद उन्होंने बीमा कंपनी और चाईबासा स्थित अधिकृत विक्रेता एसपी वेंचर्स से संपर्क किया। डीलर ने वाहन की मरम्मत का अनुमान भी तैयार किया था, लेकिन बीमा कंपनी ने दावा स्वीकार नहीं किया।
बीमा कंपनी की ओर से आयोग के समक्ष तर्क दिया गया कि दुर्घटना की सूचना करीब 34 दिन बाद 1 अप्रैल 2025 को दी गई थी। कंपनी ने दावा प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज, वाहन की तस्वीरें और वाहन चालक का अनुज्ञप्ति पत्र समेत अन्य कागजात मांगे थे। कंपनी का कहना था कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने के कारण 20 मई 2025 को दावा खारिज किया गया।
मामले की जांच के लिए नियुक्त सर्वेक्षक ने क्षतिग्रस्त वाहन का निरीक्षण करने के बाद मरम्मत संबंधी नुकसान का आकलन 32,360 रुपये किया था। सुनवाई के दौरान दुर्घटना की तारीख, सर्वेक्षण रिपोर्ट और चालक के अनुज्ञप्ति पत्र से जुड़े बिंदुओं को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दलीलें रखी गईं।
आयोग ने एसपी वेंचर्स के खिलाफ सेवा में कमी का आरोप प्रमाणित नहीं होने पर शिकायत खारिज कर दी। वहीं बीमा कंपनी के खिलाफ शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।
आयोग ने बजाज एलियांज को 45 दिनों के भीतर मनोज कुमार यादव को 32,360 रुपये बीमा दावा राशि, 10,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपये मुकदमा खर्च का भुगतान करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर 32,360 रुपये की दावा राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

