जमशेदपुर : कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त जांच टीम सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग पहुंची और प्रतिष्ठान में विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन की। पुलिस ने वहां उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य जानकारियों को खंगाला। हालांकि, जांच के दौरान किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज, वस्तु या अन्य सामग्री की बरामदगी हुई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से फिलहाल नहीं की गई है।
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस की जांच अब घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े लोगों, ठिकानों, प्रतिष्ठानों और संभावित आर्थिक गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को सिदगोड़ा के विक्रम उद्योग में की गई कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राघव से जुड़े लोगों के बीच किस तरह के संपर्क थे और कथित आपराधिक गतिविधियों के लिए आर्थिक अथवा अन्य संसाधनों की व्यवस्था किस माध्यम से होती थी।
इससे एक दिन पहले सोमवार को भी पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनारी इलाके में अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों के साथ एक डिजिटल मीडिया कार्यालय में जांच की थी। वहां पुलिस ने दस्तावेजों के अलावा डिजिटल उपकरणों और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की भी पड़ताल की थी। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल संवाद जैसे तकनीकी साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के बीच संपर्क और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
गौरतलब है कि 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र में टेंग माइस्टोन होटल के पास कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अशोक सिंह उर्फ राघव को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस इस मामले में राघव समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच टीम घटना के पीछे कथित नेटवर्क, आरोपियों के आपसी संपर्क और संभावित आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। मंगलवार को विक्रम उद्योग में हुई छानबीन से पुलिस को क्या तथ्य मिले, इसका विस्तृत खुलासा आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगा।

