चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा में एक आदिवासी छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार का विरोध करना स्थानीय दो युवकों को भारी पड़ गया। विरोध के बाद दोनों युवकों पर धारदार हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में प्रीतम गुप्ता और बिक्की सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज नोवामुंडी अस्पताल में चल रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपा झारखंड प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई मंगलवार को बड़ाजामदा पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के साथ घायलों से मुलाकात की।
पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने आरोप लगाया कि बड़ाजामदा के अमन लॉज में किराये पर रह रहे शाहबाज अंसारी से कथित रूप से जुड़े कुछ युवकों ने एक आदिवासी छात्रा के साथ अमानवीय व्यवहार किया। छात्रा के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का प्रीतम गुप्ता और बिक्की सिंह ने विरोध किया था। गागराई के अनुसार, विरोध से नाराज आरोपियों ने दोनों युवकों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए नोवामुंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गागराई ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि हमला सामान्य विवाद का परिणाम नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया हमला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों युवक समय रहते वहां से नहीं निकलते तो उनकी जान भी जा सकती थी। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले की पृष्ठभूमि कथित अवैध खनन गतिविधियों से जुड़ी हुई है और घायल दोनों युवक इन गतिविधियों का विरोध कर रहे थे।
उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। गागराई का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय लोगों के थाने पहुंचने और कार्रवाई के लिए दबाव बनाए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन घटना के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में मिलीभगत की आशंका भी जताई।
पूर्व मंत्री ने कहा कि बड़ाजामदा और आसपास के क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसे तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की छूट नहीं दी जा सकती।
गागराई ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द मामले के सभी आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई और क्षेत्र में कथित अवैध खनन गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भाजपा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामले को विधानसभा और लोकसभा में भी उठाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने न्याय के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
गागराई ने कहा कि भाजपा पीड़ित छात्रा और घायल युवकों के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने, सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
मौके पर भाजपा सारंडा मंडल अध्यक्ष महेन्द्र महाकुड़, नोवामुंडी के पूर्व जिला परिषद सदस्य शंभू हाजरा, भाजपा नेता अजीत सिंह, राय भूमिज, राजा तिर्की, संजीव राय, अशोक पान समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

