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साइबर ठगी मामले में दो दोषियों को चार साल की सजा, 1.34 लाख रुपये जुर्माना

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में साइबर ठगी कर अवैध रूप से रुपये की निकासी करने के मामले में चाईबासा न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। सदर थाना कांड संख्या 51/2023 में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत श्रीवास्तव की अदालत ने अनिकेत कुमार मिश्रा और छोटु मंडल को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।

मामला 23 मई 2023 को सदर थाना में दर्ज किया गया था। तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक पुनु कुमार यादव के लिखित आवेदन पर साइबर ठगी और अवैध रूप से रुपये की निकासी के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420 एवं 34 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस ने अनुसंधान के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जांच के क्रम में पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किया और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई।

जीआर संख्या 386/2023 में 31 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए अदालत ने अनिकेत कुमार मिश्रा, पिता बासुकीनाथ मिश्रा, निवासी तेलोडीह, थाना राजधनवार, जिला गिरिडीह तथा छोटु मंडल, पिता सुन्दर मंडल, निवासी मारगोडीह, थाना गांडेय, जिला गिरिडीह को दोषी करार दिया।

अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 419 के तहत दो वर्ष के कारावास और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 420 के तहत चार वर्ष के कारावास के साथ 4,000 रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत दो वर्ष के कारावास और 65,000 रुपये तथा धारा 66(डी) के तहत दो वर्ष के कारावास और 65,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

पुलिस की ओर से वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्यों और न्यायालय में प्रस्तुत आरोप पत्र के आधार पर चली सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया। अदालत के इस फैसले के बाद साइबर अपराध से जुड़े मामले में दोषियों को सजा मिलने की पुष्टि हुई है।

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