चाईबासा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश पर चल रहे 60 दिवसीय मेगा ड्राइव अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की मदद कर बेहतर इलाज के लिए रिनपास रांची भेजने की व्यवस्था की।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में चक्रधरपुर के मुजाहिद नगर वार्ड नंबर 10 निवासी मानसिक रोगी मोहम्मद हैदर, पिता स्वर्गीय मोहम्मद साउद को नालसा की डॉन योजना के तहत उचित इलाज के लिए रिनपास रांची भेजा गया।
बताया गया कि मोहम्मद हैदर लंबे समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित था। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं। मानसिक स्थिति बिगड़ने के कारण उसने एक बार अपने घर में आग भी लगा दी थी। बीमारी के कारण वह अक्सर उग्र हो जाता था, जिससे परिवार के साथ आसपास के लोग भी चिंतित और भयभीत रहते थे।
मोहम्मद हैदर की माता आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिला हैं और दूसरों के घरों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति और हैदर की मानसिक अवस्था को देखते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया गया।
अधिकार मित्र श्वेता रवानी और अलकमा रूही ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी को दी। उनके निर्देश पर संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर हैदर को बेहतर इलाज के लिए रिनपास रांची भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस कार्य में चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, एसडीपीओ चक्रधरपुर, सिविल सर्जन चाईबासा डॉ. जुझार मांझी, उप सिविल सर्जन डॉ. शिवचरण हांसदा, चक्रधरपुर थाना प्रभारी तथा डीएलएसए के सहायक मोहम्मद नदीम ने सहयोग किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल से मानसिक रोग से जूझ रहे व्यक्ति को बेहतर इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता खुला है। साथ ही परिवार को भी आवश्यक सहयोग और राहत मिलने की उम्मीद है।

