चाईबासा/मनोहरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। चाईबासा शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि अमला टोला स्टेशन रोड में बारिश के कारण कच्चे मकान गिर गए। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं, मनोहरपुर-अनंदपुर मार्ग पर कुडना गांव के समीप पुलिया बह जाने से मनोहरपुर-रांची मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
चाईबासा में लगातार बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों और वार्डों में पानी भर गया। अमला टोला स्टेशन रोड में आधी रात के समय बारिश और नाले का पानी घरों में घुस गया। पानी के दबाव के कारण कच्चे मकानों की दीवारें कमजोर पड़ गईं और कुछ मकान धराशायी हो गए। स्थिति बिगड़ने से पहले स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई।
बारिश से प्रभावित इलाकों का सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और सदर चाईबासा के अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी उपेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर जलजमाव और बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों के लिए स्थानीय धर्मशाला में ठहरने और भोजन की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद चाईबासा के अध्यक्ष नितिन प्रकाश भी मौजूद रहे। नगर परिषद और प्रशासन की टीम जलजमाव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के प्रयास में जुटी है। गाड़ी खाना, गुरुद्वारा रोड, टुंगरी रोड और डीआईजी आवास के समीप की सड़क पर भी बारिश का पानी जमा हो गया है।
सदर एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि लगातार बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर है। प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके रहने और भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी।
इधर, मनोहरपुर क्षेत्र में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने आवागमन की समस्या और बढ़ा दी। मनोहरपुर और आनंदपुर के बीच कुडना गांव के पास स्थित पुलिया नदी के तेज बहाव में बह गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद यात्री बस, स्कूल बस और अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। यह मार्ग मनोहरपुर को रांची से जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है।
पुलिया बहने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले ग्रामीणों, यात्रियों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया के टूटने से आसपास के कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कुडना के पास बनी पुलिया काफी पुरानी थी। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में पानी का बहाव तेज हो गया और पुलिया पर दबाव बढ़ने से वह बह गई। ग्रामीणों का कहना है कि यहां नई पुलिया के निर्माण के लिए करीब दो वर्ष पहले टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
मनोहरपुर के शहरी क्षेत्र में भी बारिश का असर देखने को मिला। कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। स्कूली बच्चों को भी जलजमाव के बीच आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण जल्द शुरू कराने तथा बारिश से प्रभावित इलाकों में आवश्यक राहत और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

