चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा सेल के रांजाबुरु खदान में सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को लेकर सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और 11 गांवों के मुंडा व ग्रामीण इस आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं और न ही इसका समर्थन कर रहे हैं।
सोमवार को सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया ने 11 गांवों के मुंडाओं और ग्रामीणों के साथ बैठक कर आंदोलन को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उनके नाम का इस्तेमाल कर आंदोलन को समर्थन देने की बात कही जा रही है, जो गलत और भ्रामक है।
सुरेश चाम्पिया ने बताया कि सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले मानकी लागुड़ा देवगम, गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल, झामुमो नेता बृंदावन गोप सहित विभिन्न गांवों के मुंडाओं के नेतृत्व में ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं का आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से उनका और 11 गांवों के मुंडा एवं ग्रामीणों का कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 11 गांवों के ग्रामीण आंदोलन के साथ नहीं हैं और न ही किसी प्रकार से इसका समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति उनके या 11 गांवों के मुंडाओं के नाम का हवाला देकर आंदोलन के समर्थन की बात करता है तो उस पर विश्वास न करें और किसी तरह के भ्रम में न पड़ें।
बैठक में सुरेश चाम्पिया ने कहा कि किसी भी आंदोलन में क्षेत्र के ग्रामीणों के नाम का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित लोगों की सहमति और वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से आपसी एकता बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

