रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। इसी क्रम में JLKM सुप्रीमो एवं डुमरी विधायक जयराम महतो रविवार को छात्रों के समर्थन में पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए और आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय करना चाहिए।
निर्जला उपवास के दौरान जयराम महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता या संदेह उनके भविष्य पर सीधा असर डालता है। उन्होंने कहा कि छात्रों की ओर से लगातार अपनी मांगों को सरकार और संबंधित संस्थाओं के समक्ष रखा जा रहा है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन लंबा खिंच रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि JPSC और JSSC से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। जयराम महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए।
जयराम महतो ने यह भी घोषणा की कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च में वह स्वयं शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि JLKM भी छात्रों के इस मार्च को अपना समर्थन देगा। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की।
छात्र संगठनों की ओर से JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, दोषियों पर कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है। राजधानी रांची में इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में 10 अगस्त का विधानसभा मार्च आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयराम महतो के उपवास और मार्च में शामिल होने की घोषणा से छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की तस्वीर और स्पष्ट हुई है।

