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Fri. Aug 7th, 2026

सीएसआईआर-एनएमएल में जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने जाना वैज्ञानिक अनुसंधान का संसार

जमशेदपुर: सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर में शुक्रवार को सीएसआईआर-जिज्ञासा (JIGYASA) पहल के अंतर्गत जेवियर इंग्लिश स्कूल के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाना तथा उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराना था।

कार्यक्रम में विद्यालय के 66 विद्यार्थियों और तीन शिक्षकों ने भाग लिया। पंजीकरण के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए जिज्ञासा और सीखने की इच्छा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान में संचालित विभिन्न अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में सीएसआईआर-एनएमएल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इस अवसर पर वैज्ञानिक-जी एवं आईएमडीसी प्रभाग के प्रमुख डॉ. के. गोपाला कृष्ण ने विद्यार्थियों का स्वागत किया और धातुकर्म तथा सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान की ओर प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की रचनात्मक सोच ही भविष्य के भारत को नई दिशा दे सकती है।

इसके बाद वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं जिज्ञासा कार्यक्रम की सह-परियोजना प्रमुख डॉ. पी. श्रीदा ने सीएसआईआर-जिज्ञासा पहल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयी छात्रों को वैज्ञानिक संस्थानों से जोड़ना, उन्हें प्रयोगात्मक विज्ञान से परिचित कराना तथा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा प्रयोगशालाओं का भ्रमण रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने सीएसआईआर-एनएमएल की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने क्रीप लैब, एडवांस्ड एनालिटिकल कैरेक्टराइजेशन (एएसी) प्रयोगशाला, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग सेंटर तथा मेल्टिंग डेमोंस्ट्रेशन सुविधा का भ्रमण किया। वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों, अनुसंधान तकनीकों, सतत प्रौद्योगिकी और सामग्री विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों की विस्तार से जानकारी दी तथा उनके सवालों के जवाब भी दिए।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद और प्रयोगशालाओं में चल रहे शोध कार्यों को करीब से देखने का यह अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। सीएसआईआर-एनएमएल ने कहा कि जिज्ञासा जैसी पहलें विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने और भविष्य के वैज्ञानिकों व नवाचारकर्ताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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