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Thu. Aug 6th, 2026

लोहरदगा में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, दो मानव तस्कर गिरफ्तार, चार नाबालिग बालिकाओं को बचाया

लोहरदगा: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन “आहट” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कथित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान के दौरान चार नाबालिग बालिकाओं को सकुशल मुक्त कराया गया, जिन्हें कथित तौर पर रोजगार का झांसा देकर झारखंड से तमिलनाडु ले जाया जा रहा था।

आरपीएफ को 5 अगस्त को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग बालिकाओं को अवैध तरीके से दूसरे राज्य ले जाकर काम पर लगाने की तैयारी की जा रही है और मामला मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा की टीम ने रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ाते हुए विशेष अभियान चलाया।

जांच के दौरान लोहरदगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित फुट ओवरब्रिज के पास एक संदिग्ध व्यक्ति नाबालिग बालिकाओं के समूह के साथ दिखाई दिया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के बाद उनकी पहचान तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी 47 वर्षीय नंदकुमार वी. तथा गुमला जिले के विशुनपुर निवासी 28 वर्षीय बिनीता कुमारी के रूप में हुई।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे चारों नाबालिग बालिकाओं को अधिक वेतन और रोजगार का प्रलोभन देकर तमिलनाडु के एक वस्त्र उद्योग में काम दिलाने के लिए ले जा रहे थे। जांच में यह भी पाया गया कि किसी भी बालिका के पास आरक्षित रेल टिकट नहीं था और सभी सामान्य टिकट के सहारे यात्रा कर रही थीं। आरपीएफ ने प्रथम दृष्टया इसे अवैध श्रमिक परिवहन और मानव तस्करी से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपियों, बचाई गई चारों नाबालिग बालिकाओं तथा मामले से जुड़े दस्तावेजों को आगे की कार्रवाई के लिए लोहरदगा की मानव तस्करी निरोधक इकाई (एएचटीयू) को सौंप दिया गया, जहां प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस सफल अभियान में उपनिरीक्षक सुदर्शन पिंग, सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, महिला प्रधान आरक्षी कल्पना कुमारी, आरक्षी शुभम कुमार, सहायक उपनिरीक्षक निर्मल कुमार तथा प्रधान आरक्षी रंजीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से चार नाबालिग बालिकाओं को संभावित मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया जा सका।

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