चाईबासा: सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने गुरुवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले की सेल की मनोहरपुर लौह अयस्क खदान, चिरिया के पूर्ण संचालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विशाल लौह अयस्क भंडार होने के बावजूद आवश्यक वैधानिक एवं वन स्वीकृतियों के अभाव में अधिकांश खनन पट्टों पर कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सांसद ने सदन में कहा कि मनोहरपुर लौह अयस्क खदान के अंतर्गत धोबिल, मेकलोलेन, अजीताबुरु और सुकरी-लुटूरूबुरु क्षेत्रों में पर्याप्त लौह अयस्क भंडार उपलब्ध है। इसके बावजूद लंबित स्वीकृतियों के कारण खनन कार्य बाधित है, जिससे उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
जोबा माझी ने कहा कि खदान का पूर्ण संचालन शुरू होने से देश में लौह अयस्क उत्पादन में वृद्धि होगी, इस्पात उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी तथा स्थानीय और जनजातीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से मैनेजमेंट प्लान फॉर सस्टेनेबल माइनिंग (एमपीएसएम) की शीघ्र समीक्षा कराने, लंबित वन एवं अन्य वैधानिक स्वीकृतियों का त्वरित निपटारा करने, वर्ष 1980 से पूर्व प्रभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिक खनन की अनुमति देने तथा अंतर-मंत्रालयी समिति गठित कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि इन कदमों से मनोहरपुर लौह अयस्क खदान के सभी पट्टों का शीघ्र पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र के विकास के साथ-साथ देश के इस्पात क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

