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हो भाषा की पुस्तकों को रोचक और बच्चों के स्तर के अनुरूप बनाने का सुझाव

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चाईबासा: झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी), रांची में सरकारी विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 तक के लिए पांच जनजातीय भाषाओं की पाठ्यपुस्तकों के लेखन कार्य को लेकर आयोजित कार्यशाला का स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की उपसचिव जयवंती देवगम ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुस्तक लेखन में जुटे शिक्षक-शिक्षिकाओं से मुलाकात कर लेखन कार्य की जानकारी ली।

उपसचिव जयवंती देवगम ने लेखन कार्य में लगे शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण, रोचक और बच्चों के स्तर के अनुरूप उपयोगी पुस्तकें तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकें ऐसी हों, जिससे विद्यार्थियों में अपनी मातृभाषा के प्रति रुचि बढ़े और वे आसानी से विषयवस्तु को समझ सकें।

उन्होंने विशेष रूप से हो भाषा की पुस्तकों के लेखन कार्य में लगे पश्चिमी सिंहभूम के शिक्षक-शिक्षिकाओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने हो भाषा की संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन से जुड़े विषयों के साथ-साथ विनोदी एवं रोचक पाठ शामिल करने की सलाह दी, ताकि बच्चे हो भाषा पढ़ने में अधिक रुचि लें और अपनी भाषा एवं संस्कृति से जुड़े रहें।

हो भाषा की पाठ्यपुस्तकों के लेखन कार्य में कृष्णा देवगम, सुधीर कुमार लेयांगी, मंगल सिंह मुंडा, लिंडावेंश बिरुवा, विद्यासागर लागुरी, राजेश सिंकू, दमयंती बिरुवा, हरिश्चंद्र लागुरी, मेरी सरिता पुरती और जगदीश सावैयां शामिल हैं। कार्यशाला के माध्यम से जनजातीय भाषाओं की गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकों का निर्माण कर विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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