जमशेदपुर। 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के आरोपों को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) जमशेदपुर महानगर ने मंगलवार की शाम शहर में मशाल जुलूस निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय से शुरू हुआ यह आक्रोश मार्च जुबिली पार्क गोलचक्कर तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने झारखंड की झामुमो-कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए परीक्षा की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाजयुमो जमशेदपुर महानगर के जिला अध्यक्ष नीतीश कुशवाहा तथा भाजपा महानगर के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने किया। मार्च में बड़ी संख्या में भाजपा और भाजयुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मशालों के साथ तख्तियां थीं, जिन पर “जेपीएससी परीक्षा की निष्पक्ष जांच कराओ”, “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “भ्रष्टाचार पर रोक लगाओ” जैसे नारे लिखे हुए थे।
इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि भर्ती और चयन प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगें तो उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। नेताओं ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
भाजयुमो नेताओं ने 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि भाजपा और भाजयुमो युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

