जमशेदपुर: स्कूलों में उद्यमिता शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केरला समाजम मॉडल स्कूल (KSMS) में 18 जुलाई 2026 को नवप्रवर्तित एंटरप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) विषय पर एक नॉलेज शेयरिंग सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए 24 शिक्षकों ने भाग लिया और नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों तथा कक्षा में उसके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम की रिसोर्स पर्सन के रूप में केरला समाजम मॉडल स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका एवं करियर काउंसलर सर्बजीत कौर ने प्रतिभागियों को एंटरप्रेन्योरशिप पाठ्यक्रम के उद्देश्य और शिक्षण पद्धति से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning), प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा, बिजनेस प्लान तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय साक्षरता और मूल्यांकन की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला। साथ ही इंटरैक्टिव चर्चा, व्यावहारिक गतिविधियों और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान और उद्यमशीलता जैसे गुण किस प्रकार विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य रीना बनर्जी, उप-प्राचार्य अब्राहम तथा प्रधानाध्यापिका सुजाता सिंह भी उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में प्राचार्य रीना बनर्जी ने कहा कि 21वीं सदी में उद्यमशीलता कौशल सबसे महत्वपूर्ण क्षमताओं में से एक है और ऐसे समय में CISCE द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप विषय की शुरुआत अत्यंत प्रासंगिक और स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रम के प्रारंभिक क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन यदि शिक्षक आपसी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान और निरंतर संवाद बनाए रखें तो इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की सामूहिक पहल से जमशेदपुर के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा का लाभ मिलेगा।
सत्र के दौरान शिक्षकों ने सक्रिय रूप से अपने विचार साझा किए, विभिन्न शिक्षण अनुभवों पर चर्चा की और नए पाठ्यक्रम को अपने-अपने विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने का विश्वास व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच विकसित करने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास से सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प को दोहराया गया।

