चतरा : चतरा के आंबेडकर चौक पर 20 जुलाई को ‘छात्र युवा संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले एक दिवसीय भूख हड़ताल और सत्याग्रह का आयोजन किया गया। यह धरना प्रख्यात पर्यावरणविद्, वैज्ञानिक और मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के समर्थन में किया गया।
देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से अनशन पर हैं। चतरा में प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने कहा कि वांगचुक छात्रों के सुरक्षित भविष्य और शिक्षा में सुधार के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।
छात्रों ने रोष जताते हुए कहा कि 21 दिनों के अनशन के बाद वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराना सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को ब्रिटिश हुकूमत से भी बदतर करार दिया और सरकार से शिक्षा व्यवस्था में अविलंब और पारदर्शी सुधार लाने की जोरदार मांग की है।

