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अवैध हथियार व माओवादी संगठन से संबंध मामले में बीमा पुरती को सात वर्ष की सजा

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जेटेया थाना क्षेत्र से जुड़े वर्ष 2017 के अवैध हथियार और प्रतिबंधित माओवादी संगठन से संबंध रखने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर की अदालत ने अभियुक्त बीमा पुरती को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार, 13 अक्टूबर 2017 को जेटेया थाना में बीमा पुरती, पिता स्वर्गीय सोनु पुरती, निवासी पटेता टोला, हतनाबेड़ा, थाना जेटेया, जिला पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए), सीएलए एक्ट की धारा 17 तथा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 10, 13 और 39 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मामले के अनुसार, 12 अक्टूबर 2017 की शाम करीब 4:30 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति हतनाबेड़ा-हेस्सापी रोड पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही बीमा पुरती भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की दाहिनी जेब से 7.62 एसएलआर के 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान वह कारतूस रखने का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा तथा वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सत्रवाद संख्या 248/2019 के तहत मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 14 जुलाई 2026 को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर बीमा पुरती को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए) के तहत दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अवैध हथियार, गोला-बारूद और प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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