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हो समाज के झंडे के कथित अपमान और बयानबाजी पर माफी की मांग, टाटा बाईपास चौक विवाद पर महासभा की बैठक, चौक पर लगेगी दिशाेम गुरु शिबू सोरेन की मूर्ति

चाईबासा: टाटा बाईपास चौक के नामकरण विवाद को लेकर सोमवार को कला एवं संस्कृति भवन, हरिगुटू में आदिवासी हो समाज महासभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हो समुदाय के बुद्धिजीवियों, आंदोलनकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने 1 अगस्त की घटनाओं की समीक्षा करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई और विवाद से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के बाद आदिवासी हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड ने कहा कि आदिवासी समाज पद्म भूषण दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन का सम्मान करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिबू सोरेन के नाम की आड़ में आदिवासी हो समाज के झंडे और वीर शहीद पोटो हो के चित्र का कथित अपमान किया गया तथा अभद्र और अनर्गल बयानबाजी की गई। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम और चंद्रमोहन बिरुवा से सार्वजनिक और लिखित रूप से माफी मांगने की मांग की।

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 1 अगस्त को प्रशासन ने शांतिपूर्ण धरना दे रहे आदिवासी समुदाय के लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, जिला प्रशासन के आग्रह पर समाज के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण समाधान की पहल की। इसके बाद सदर अनुमंडल कार्यालय में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहमन टूटी, डीसीएलआर तथा सदर अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार की उपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई, जिसमें समाज ने अपना पक्ष रखा।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कला एवं संस्कृति भवन, हरिगुटू में पद्म भूषण दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही 1 अगस्त को शांतिपूर्ण धरना में शामिल आदिवासी हो समाज के 18 लोगों पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग की गई। समाज ने कहा कि यदि यह कार्रवाई वापस नहीं ली जाती है तो दूसरे पक्ष के संबंधित झारखंड मुक्ति मोर्चा पदाधिकारियों पर भी समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इधर बैठक के बाद सभी सदस्य और पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी सदर चाईबासा संजय कुमार के साथ वार्ता की। मौके पर एसडीओ ने कहा कि अगर आप लोगों का समझौता हो जाता है तो सारा केस वापस होगा। वहीं सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम लोग गुरु जी के खिलाफ नहीं है, लेकिन कोल्हान के विभूतियों को भी याद रखा जाए।

बैठक एवं प्रशासन के साथ हुई वार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड, महासचिव गब्बर सिंह हेंब्रम, केंद्रीय कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र पूर्ति, जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा, सचिव ऑयबन हेंब्रम, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र पूर्ति, समाजसेवी रमेश बालमुचू, रियांश समाड, बिरसिंह बिरुली, सत्यव्रत बिरुवा, सन्नी संदीप देवगम, शंकर सिद्धू, सिकन्दर तिरिया, सूबेदार बिरुवा, मुरारी अल्डा, संजय देवगम, विजय सिंह सुब्रूई, विष्णु मिंज सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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