खूंटी/लोहरदगा। झारखंड के खूंटी जिले में सामने आए दोहरे हत्याकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। पुल के नीचे युवक और युवती के शव मिलने के मामले में अब मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के चट्टी बड़ागाई निवासी नेहा कुमारी और उसके भाई अरुण के रूप में हुई है। परिजनों ने नेहा के पति संजीत प्रमाणिक पर अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है।
मृतका नेहा कुमारी की शादी गुमला जिले के करंज थाना क्षेत्र के दूधिया गांव निवासी संजीत प्रमाणिक से हुई थी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कई वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसके कारण नेहा अपने मायके में रह रही थी। परिजनों के अनुसार, नेहा अपने छोटे बेटे से मिलने के उद्देश्य से शुक्रवार शाम अपने भाई अरुण के साथ ससुराल गई थी।
परिजनों का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद संजीत प्रमाणिक ने अपने करीब आधा दर्जन साथियों के साथ मिलकर नेहा और अरुण को जबरन एक वाहन में बैठा लिया। इसके बाद दोनों को खूंटी थाना क्षेत्र के घाघरा गांव के समीप सुनसान इलाके में ले जाया गया, जहां पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से दोनों के शव पुल के नीचे फेंक दिए गए।
शनिवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने घाघरा गांव के पास पुल के नीचे दो शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही खूंटी के एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा, थाना प्रभारी अशोक सिंह तथा भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पुल के ऊपर खून के धब्बे और संघर्ष के स्पष्ट निशान मिले, जिससे यह आशंका मजबूत हुई कि हत्या पुल पर ही की गई और बाद में शव नीचे फेंके गए।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में युवती की पहचान नेहा कुमारी के रूप में हुई, जबकि बाद में युवक की पहचान उसके भाई अरुण के रूप में की गई। पहचान होने के बाद परिजनों ने हत्या के पीछे नेहा के पति और उसके साथियों का हाथ होने का आरोप लगाया।
एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पुलिस विभिन्न तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है तथा डॉग स्क्वायड की भी सहायता ली जा रही है। इसके अलावा लोहरदगा और गुमला पुलिस से समन्वय स्थापित कर मृतका की पृष्ठभूमि, पारिवारिक विवाद और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला सुनियोजित दोहरे हत्याकांड का प्रतीत होता है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर सभी संदिग्धों की तलाश जारी है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।

