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बदले की आग में बुझी विकास सिंह की जिंदगी, उलीडीह पुलिस ने हत्याकांड का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

जमशेदपुर। उलीडीह थाना क्षेत्र में हुए चर्चित विकास सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उलीडीह आदिवासी क्लब के समीप रहने वाले सूरज कुंटिया उर्फ साधु कुंटिया (24) और राजू कुंभकार (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप, धारदार चाकू, मच्छरदानी तथा खून लगी मिट्टी भी बरामद की है।

सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय ने बताया कि शंकोसाई रोड नंबर-2 निवासी विकास सिंह की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और बदले की भावना मुख्य कारण थी।

एसएसपी ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व सौरभ शर्मा उर्फ पवन शर्मा की हत्या कुंवर सिंह विद्यालय परिसर में हुई थी। उस मामले में मृतक विकास सिंह के छोटे भाई विक्की सिंह उर्फ अप्पा राव और उसके साथियों का नाम सामने आया था। सौरभ शर्मा की हत्या के बाद उसके परिजनों और करीबियों में गहरा आक्रोश था। इसी घटना का बदला लेने के उद्देश्य से सौरभ शर्मा के मौसेरे भाई राजू कुंभकार ने अपने सहयोगी सूरज कुंटिया के साथ मिलकर विकास सिंह की हत्या की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, 30 मई की रात करीब नौ बजे दोनों आरोपियों ने विकास सिंह को नशा करने के बहाने उलीडीह बस्ती स्थित एक झोपड़ीनुमा खंडहर मकान में बुलाया। वहां पहले से तैयार बैठे आरोपियों ने विकास पर लोहे के पाइप और धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी शव को ठिकाने लगाने की फिराक में जुट गए। पुलिस जांच में पता चला कि दोनों ने शव को एक मच्छरदानी में लपेटा और देर रात मुर्दा मैदान जाने वाले रास्ते के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि घटना को छिपाया जा सके और पुलिस को गुमराह किया जा सके।

घटना की सूचना मिलने के बाद उलीडीह थाना पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास के इलाकों से जुटाए गए साक्ष्यों, तकनीकी जांच तथा गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हत्या पूरी तरह से प्रतिशोध की भावना से अंजाम दी गई थी। पुराने हत्याकांड की रंजिश ने एक और जान ले ली। मामले के खुलासे के साथ ही पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।

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