चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के सदर अस्पताल में सोमवार को चिकित्सकों की त्वरित कार्रवाई और कुशल उपचार का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। गले में पूरी मछली फंस जाने से गंभीर स्थिति में पहुंचे एक मरीज को डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उपचार देकर नई जिंदगी प्रदान की।
जानकारी के अनुसार, मछली खाने के दौरान अचानक पूरी मछली मरीज के गले में अटक गई। इसके बाद उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगी और भोजन निगलना भी लगभग असंभव हो गया। स्थिति लगातार बिगड़ती देख परिजन उसे तत्काल सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना देरी उपचार शुरू कर दिया।
आपातकालीन विभाग में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. प्रदीप कुमार और उनकी टीम ने मरीज की सावधानीपूर्वक जांच की। अनुभव और सूझबूझ का परिचय देते हुए चिकित्सकों ने गले में फंसी मछली को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की प्रक्रिया अपनाई। कुछ ही देर की मेहनत के बाद टीम को सफलता मिली और गले में फंसी पूरी मछली निकाल ली गई।
मछली बाहर निकलते ही मरीज को तत्काल राहत महसूस हुई। उसकी सांस लेने की परेशानी कम हुई और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होने लगा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने और चिकित्सा टीम की तत्परता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई। फिलहाल मरीज की हालत पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है।
इस सफल उपचार में चिकित्सकों के साथ नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने चिकित्सा टीम की सराहना करते हुए कहा कि सदर अस्पताल की टीम हर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहती है और मरीजों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने डॉ. प्रदीप कुमार समेत पूरी टीम को इस उल्लेखनीय कार्य के लिए बधाई दी।

