जमशेदपुर। शहर में कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद बिष्टुपुर थाना पुलिस अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। इस मामले में पीड़ित ने वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सोनारी स्थित सीपी क्लब निवासी नरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी कार छीन लिए जाने और मारपीट की घटना के बाद भी पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। थक-हारकर उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी। बताया गया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने धारा 175(4) बीएनएसएस-2023 के तहत 13 अप्रैल 2026 को आदेश पारित किया था, जिसकी प्रति 28 अप्रैल 2026 को बिष्टुपुर थाना को प्राप्त हो गई थी। इसके बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
पीड़ित के अनुसार, 11 जनवरी की शाम वह अपनी कार संख्या जेएच-05डीडी-9486 को बिष्टुपुर में खड़ी कर जुडियो मॉल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मोबाइल नंबर 7979810030 का उपयोग करने वाला करणदीप सिंह उनके पास पहुंचा और बातचीत में उलझा लिया। आरोप है कि कुछ ही देर बाद एक अन्य कार से पांच-छह युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जबरन उन्हें अपनी कार में बैठा लिया।
नरेश कुमार का कहना है कि आरोपियों ने कार के भीतर उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी आंख, चेहरा और छाती में चोट आई। इसके बाद उन्हें साकची के गाढ़ाबासा स्थित एक कमरे में ले जाया गया, जहां धमकी देकर एक कोरे कागज पर यह लिखवाया गया कि उन्होंने पैसे के बदले अपनी कार बेच दी है। साथ ही उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिए गए।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी, जिसके कारण भयवश उन्होंने उनकी बात मान ली। घटना के बाद उन्होंने 11 जनवरी को बिष्टुपुर थाना में और 14 जनवरी को एसएसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब न्यायालय के आदेश के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। नरेश कुमार ने एसएसपी से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, कार बरामद करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

