गुवा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र अंतर्गत ठाकुरा गांव में रविवार को पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण ग्राम सभा आयोजित की गई। गांव के दीउरी प्रधान चाम्पिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्रामीणों ने वर्तमान मुंडा दामु चाम्पिया के सेल गुवा में नौकरी करने के मुद्दे पर गंभीर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि गांव का मुंडा गांव की सामाजिक, पारंपरिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का प्रमुख होता है, इसलिए वह एक साथ सरकारी अथवा कंपनी की नौकरी और गांव की पारंपरिक व्यवस्था दोनों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर सकता।
ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि मुंडा पद केवल एक पद नहीं, बल्कि गांव की सामाजिक व्यवस्था, परंपरा और आदिवासी स्वशासन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में गांव का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति के हाथ में होना चाहिए, जो हर समय ग्रामीणों के सुख-दुख, विवाद निपटारा, सामाजिक निर्णय और पारंपरिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से उपलब्ध रह सके।
बैठक के दौरान इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान मुंडा दामु चाम्पिया को ग्राम सभा में अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने बैठक में शामिल नहीं होकर ग्राम सभा का बहिष्कार किया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव की परंपरा और सामाजिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नए मुंडा के चयन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से तय किया गया कि आगामी 17 मई को खाश जामदा में सारंडा पीढ़ मानकी साजन चातोम्बा की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इस बैठक में ठाकुरा गांव के नए मुंडा के चयन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि परंपरागत व्यवस्था के तहत मानकी की उपस्थिति में ही इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने नए मुंडा पद के लिए बुधराम चाम्पिया, पिता स्वर्गीय मारकस चाम्पिया के नाम का प्रस्ताव रखा। उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि बुधराम चाम्पिया गांव के सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं और गांव की परंपरा तथा आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि गांव का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति को मिलना चाहिए, जो पूरी निष्ठा, समय और जिम्मेदारी के साथ गांव के हित में कार्य कर सके।
ग्राम सभा में प्रशांत चाम्पिया, बबलू चाम्पिया, मदन चाम्पिया, प्रधान चाम्पिया, मोरा चाम्पिया, मंगल चाम्पिया, सागर चाम्पिया, बुधराम चाम्पिया, मंगडू चाम्पिया, बंधन चाम्पिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान गांव की सामाजिक एकता और पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

