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Wed. May 6th, 2026

चाईबासा में योजनाओं की समीक्षा बैठक, डीसी मनीष कुमार ने कहा—हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करें।

बैठक में पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, गोपनीय प्रभारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मी, पीएमयू टीम के सदस्य तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं शामिल हुईं।

उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों और किसी भी स्थिति में बंद नहीं रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह की 14 तारीख को सभी केंद्रों एवं संबंधित गृहों में “बाल भोज दिवस” का आयोजन किया जाए तथा पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। छह वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का नजदीकी विद्यालयों में नामांकन अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही टेक होम राशन के लाभुकों का शत-प्रतिशत एफआरसी कार्य पूर्ण करने, आंगनबाड़ी केंद्रों में हैंडवॉश यूनिट एवं फेवर ब्लॉक का निर्माण कराने तथा एक माह के भीतर सभी केंद्रों का विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, शौचालय निर्माण, मनरेगा एवं पीएम जनमन के तहत बन रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने को कहा। साथ ही ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस तथा समर अभियान को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया।

उपायुक्त मनीष कुमार ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए “प्रोजेक्ट बचपन” के तहत सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन, गुड टच-बैड टच की जानकारी तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं डायन बिसाही और बाल तस्करी की रोकथाम के लिए “प्रोजेक्ट अलख” के तहत मानकी-मुंडा, मुखिया एवं पंचायत सचिवों के साथ जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित करने को कहा।

जिला बाल संरक्षण कार्यालय की समीक्षा के दौरान मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर, वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रगति की जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि जिले में 414 बच्चों को स्पॉन्सरशिप, 8 परिवारों में 17 बच्चों को फोस्टर केयर तथा 4 बच्चों को आफ्टर केयर का लाभ मिल रहा है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विधवा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं के बच्चों को भी आवश्यकतानुसार योजनाओं से जोड़ा जाए तथा गुदड़ी और टोंटो प्रखंड में बाल संरक्षण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पैरा लीगल वालंटियर की भूमिका की समीक्षा करते हुए बाल सुधार गृह सहित सभी संस्थानों का नियमित निरीक्षण एवं लाभुक बच्चों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया।

जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग की समीक्षा के दौरान विभिन्न पेंशन योजनाओं, सर्वजन पेंशन योजना एवं मंईयां सम्मान योजना की प्रगति पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रहे और हर वर्ष नए लाभुकों को योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही सहायक निदेशक को एक माह के भीतर कम से कम 80 प्रतिशत पेंशनधारियों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट एवं आधार सीडिंग कार्य पूर्ण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया।

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