सरायकेला: खरसावाँ थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या कांड का पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर खुलासा करते हुए एक चौंकाने वाला सच सामने लाया है। इस मामले में मृतक की पत्नी को ही हत्या की मुख्य साजिशकर्ता पाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला 3 मई 2026 को दर्ज किया गया था, जब सुखराम सरदार ने अपने भाई बाया सरदार की हत्या की आशंका जताते हुए खरसावाँ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सरायकेला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई मानवीय सूचनाओं के आधार पर मामले की परतें खोलनी शुरू कीं। इसी क्रम में यह खुलासा हुआ कि हत्या कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। इस साजिश के केंद्र में मृतक की पत्नी सुनीता सरदार थी, जिसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिलवाया।
पुलिस ने इस मामले में सुनीता सरदार (38 वर्ष), सोमा मुण्डा उर्फ लुबू मुण्डा (41 वर्ष), डौर सिंह मुण्डा उर्फ सुईदल मुण्डा (22 वर्ष) और बिरा मुण्डा (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी सोमा मुण्डा का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिससे इस घटना में उसकी भूमिका और भी संदिग्ध मानी जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना फरसा, एक स्कूटी (नंबर JH01GF1233) और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन से भी पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी तकनीकी जांच जारी है।
मंगलवार को एसडीपीओ समीर कुमार सावेया ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सोमा मुण्डा का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उस पर पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं।इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी, रिजर्व गार्ड और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

