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Thu. May 28th, 2026

ब्रह्माकुमारीज यूनिवर्सल पीस पैलेस में ‘साइंस ऑफ राजयोग मेडिटेशन’ पर आठ दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

जमशेदपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के यूनिवर्सल पीस पैलेस रीट्रीट सेंटर, जमशेदपुर में सोमवार को आठ दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला “साइंस ऑफ राजयोग मेडिटेशन” का शुभारंभ विधिवत तिलक, दीप प्रज्वलन और शुभ संकल्प के साथ किया गया। इस अवसर पर मुंबई से पधारे राजयोग प्रशिक्षक बीके राजीव गुप्ता के साथ राजयोगिनी बीके अंजू दीदी, बीके रागिनी दीदी, बीके संजू दीदी एवं बीके प्रीति की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोल्हान क्षेत्र एवं मुख्य सेवाकेंद्र की वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंजू ने बताया कि यह आठ दिवसीय प्रशिक्षण विभिन्न चरणों में आयोजित किया गया है। 02 और 03 फरवरी 2026 को सेवाकेंद्र में रहने वाले समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनों एवं ब्रह्माकुमारों के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं। 04 और 05 फरवरी को सेंटर से जुड़े सभी बीके भाई-बहनों के लिए प्रशिक्षण होगा, जबकि 06 से 08 फरवरी 2026 तक विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिभागी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि हल्दीपोखर, बलरामपुर, बहरागोड़ा, गालूडीह, चांडिल, टाटीसिलवे, पतरातू, हजारीबाग, बरही सहित कोल्हान क्षेत्र के अनेक स्थानों से बीके भाई-बहनें इसमें सम्मिलित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के विज्ञान को और अधिक गहराई से समझने और उसकी अनुभूति को जीवन में उतारने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में भय, चिंता, तनाव और दुःख लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में राजयोग मेडिटेशन हमें हर परिस्थिति में शांत, स्थिर और अडिग रहने की शक्ति प्रदान करता है।

प्रथम सत्र में संबोधन करते हुए मुंबई से आए राजयोगी बीके राजीव गुप्ता ने कहा कि मन का मूल सिद्धांत है—जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही अनुभव करते हैं। इसलिए सकारात्मक चिंतन और सकारात्मक जीवनशैली अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विचारों से भावनाएं, भावनाओं से वृत्ति और वृत्ति से संस्कार बनते हैं। अच्छे या बुरे संस्कार बनाना हमारे अपने चयन पर निर्भर करता है। वर्तमान समय में उदासी, बेचैनी, ईर्ष्या, द्वेष, घृणा, नफरत, अपराधबोध और शर्म जैसी नकारात्मक भावनाएं बढ़ रही हैं, जिन्हें प्रतिदिन मात्र 15 मिनट के राजयोग मेडिटेशन अभ्यास से सहज ही नियंत्रित और परिवर्तित किया जा सकता है।

इस आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सेवाकेंद्रों से जुड़े लगभग 45 समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनें एवं ब्रह्माकुमार सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

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