नेतरहाट आवासीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे हैं कि सवाल।आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए चयनित 100 में से 75 विद्यार्थी 5 जिलों से।सबसे अधिक 24 बच्चे धनबाद से, वहीं छह जिलों से एक भी विद्यार्थियों का नहीं हुआ है चयन।
नेतरहाट विद्यालय जो कि महुआडांड़ प्रखंड में स्थित है। जिसका पूरे झारखंड में नाम है। इस विद्यालय से पढ़कर कितने विद्यार्थी आईएएस आईपीएस बनकर सरकार के कार्यों का निष्पादन करते हैं। इसी विद्यालय में नामांकन को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है कि कहीं ना कहीं नामांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। और इसलिए भी ऐसी आशंका जताई जा रही है कि 24 बच्चे धनबाद जिले से चयनित हुए हैं।

आवसीय विद्यालय नेतरहाट में नामांकन के लिए चयनित 100 बच्चों में सबसे अधिक 83 बच्चे उत्तरी व दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के हैं। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल से 66 व दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल से 17 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इसमें से भी 75 बच्चे मात्र 5 जिलों के हैं कुछ सफल विद्यार्थियों का रोल नंबर भी एक ही क्रम संख्या में है। वहीं छह जिलों में से एक भी विद्यार्थी का चयन नहीं हुआ है। चयनित बच्चों में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल से सबसे अधिक 24 बच्चे धनबाद के हैं। जबकि गिरिडीह से 16 हजारीबाग से 12 व चतरा की 11 बच्चों का चयन हुआ है। उत्तरी छोटानागपुर के कोडरमा से 2 बोकारो से 1 विद्यार्थी का चयन हुआ है। दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल से 17 बच्चों का चयन हुआ है इनमें से लोहरदगा के 12 रांची के दो गुमला के 2 सिमडेगा से 1 विद्यार्थी का चयन हुआ है। धनबाद जिले से 24 बच्चों का चयन हुआ है उसमें से 8 पूर्वी टुंडी व दो बच्चे टुंडी प्रखंड के हैं। पूर्वी टूंडी में सफल बच्चों में से रोल नंबर 2040011, 12, 15, 16, 17, एक ही क्रम संख्या में है। वर्ष 2021 22 में चयनित विद्यार्थियों में से 5 जिलों से मात्र एक एक विद्यार्थियों का चयन हुआ है जबकि 4 से दो दो व 2 जिलों से तीन तीन विद्यार्थी परिक्षा में सफल हुए हैं।

रांची से दो बोकारो से एक वह पूर्वी सिंहभूम से एक भी नहीं।
प्रवेश परीक्षा में रांची से मात्र 2 बच्चे परीक्षा में सफल हुए हैं वही बोकारो से एक और पूर्वी सिंहभूम वह देवघर से एक भी बच्चा चयनित नहीं हुआ है।
संथाल से आठ पलामू से 7 बच्चे का हुआ है चयन।
राज्य के 5 में से 3 प्रमंडल से मात्र 17 बच्चों का चयन हुआ है इनमें से संथाल परगना प्रमंडल से आठ पलामू से 7 व कोल्हान प्रमंडल से मात्र 2 बच्चों का चयन हुआ है।
विद्यालय प्रबंधन की देखरेख में होती है नामांकन की पूरी प्रक्रिया।
नामांकन की पूरी प्रक्रिया विद्यालय प्रबंधन की देखरेख में होती हैं विद्यालय द्वारा ही आवेदन जमा लिया जाता है लिखित परीक्षा में सफल 100 विद्यार्थियों का चयन मेघा अंक के आधार पर किया जाता है इसके बाद विद्यार्थियों की मेडिकल जांच कराई जाती है मेडिकल में जांच के बाद नामांकन के लिए विद्यार्थी अंतिम रूप से चयनित माने जाते हैं इस वर्ष से चयनित विद्यार्थियों के आवासीय प्रमाण पत्र भी जांच कराई जाएगी सफल विद्यार्थियों का कक्षा छह में नामांकन दिया जाता है।

आवासीय विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार सिंह ने कहा।
इस संबंध में नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार सिंह ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। जहां तक कुछ जिलों में अधिक विद्यार्थियों की चयन की बात है तो ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किस जिले में कितने बच्चे चयनित होंगे। अगर एक जिले में ही बच्चे अधिक सफल होते हैं तो इसमें कुछ किया नहीं जा सकता है। अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका है तो कोई भी एजेंसी इसकी जांच कराई जा सकती है। यह एक प्रक्रिया के तहत होता है इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की संभावना नहीं हो सकती।

