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पीरी में शिकार खेलने गये जनजाति की हत्या को गंभीरता से लेते हुए भुक्तभोगी के घर पहुँचे भाजपाई

 

 

संवाददाता उमेश यादव*******गारू*:- गारू थानाक्षेत्र के पीरी गांव के युवक सरहुल पर्व को लेकर खासा उत्साहित थे। परंपरा के अनुसार सरहुल से एक पहले का दिन जिसे नेम कहते हैं। नेम के दिन शिकार खेलना, मछली मारना कोई नई बात नहीं है। 12 जून को देशी हथियार लेकर गांव के कुछ युवक जंगल की ओर चल पड़ते हैं। सुरक्षाबालों के अनुसार उन्हें स्पाई से आसपास में माओवादियों की होने का खबर मिला था। 12 जून का दिन गांव वालों के लिए खुशी के जगह मातम में बदल गया। सुरक्षाबालों नें ब्राह्मदेव सिंह नामक युवक को घर से महज कुछ दुरी पर ही नक्सली समझकर मार गिराये।

मृतक के परिवार वालों से बात चित करने भाजपा जिला कमिटी से लातेहार जिलाध्यक्ष व पूर्व मनिका विधायक श्री हरेकृष्णा सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष छोटे राजा, बंसी यादव, पंकज यादव तथा गारू मण्डल अध्यक्ष दुधेश्वर सिंह गनईखाड़-पीरी पहुँचे। भुक्तभोगी परिवार से मिलकर उनके प्रति संवेदना प्रकट करते हुए, 12 जून की घटना को समझने का प्रयास किया गया। पूर्व विधायक नें कहा कि,यह घटना निंदनीय है,कानून और संविधान के साथ कुठाराघात है।

ग्रामीण का जीवन पहाड़ों जंगलों पर आश्रित है इनकी संरक्षण न दे कर के हत्या करना यह मानवता के साथ खिलवाड़ है।

साथ ही उन्होंने सरकार व प्रशासन से अनुरोध करने की बात कही है कि, मृतक के परिवार को तत्काल दस लाख मुवाब्जा तथा परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।

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