युवा महोत्सव पर मंगलवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती धूमधाम से मनाई

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गिरिडीह

युवा महोत्सव पर मंगलवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। मौके पर जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विकास चंद्र गौतम,समिति उपाध्यक्ष सतीश्वर प्रसाद सिन्हा,पुरातन भैया रोशी रंजन एवं प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने दीप जलाकर और पुष्पार्चण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

 अतिथि परिचय नलिन कुमार एवं मंच संचालन राजेंद्र लाल बरनवाल ने किया इस अवसर पर भैया बहनों के द्वारा कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बहनों द्वारा स्वागत गीत किया गया वही प्रस्तावना के रूप में श्री अजीत कुमार मिश्र ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी से संबंधित बातें रखी। भैया चंदन झाखरा,बहन याशिका सिन्हा,बहन महिमा कुमारी ने स्वामी जी के विचारों को रखा। भैया रोशी रंजन ने कहा कि आज हमें इस सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से बहुत कुछ सीखने को मिला है।आज मैं जिस पद पर हूँ उसमें शिशु मंदिर का बहुत बड़ा योगदान रहा है।शिशु मंदिर का अनुशासन,यहां की संस्कृति ने हमें काफी प्रभावित किया है।यह विद्यालय अपनेशैक्षणिक आधारों से बच्चों को आदर्श बनाता है। यहां का शिक्षण कौशल विशेष है मुख्य वक्ता विकास चंद्र गौतम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का व्यक्तित्व अपने आप में अनोखा एवं निराला तथा हम सबके लिए प्रेरणादायी है। स्वामी जी के विचार एवं आदर्शों को अपनाकर हमें आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने कहा कि हमें अपना आत्मविश्वास जगाकर एक अच्छा इंसान बनना चाहिए ताकि हम अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। हमारी मातृभूमि अनेक महान विभूतियों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने कृतित्व से भारत का नाम विश्व में रोशन किया। वैसे महापुरुषों में स्वामी विवेकानंद जी का नाम सबसे पहले आता है।

आशीर्वचन के रूप में प्रोफेसर सतीश्वर प्र सिन्हा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में भारतीय धर्म और संस्कृति की अमिट छाप छोड़ कर भारत को विश्व गुरु मानने पर पूरे विश्व को मजबूर कर दिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त आचार्य- दीदी का सराहनीय योगदान रहा।

गिरिडीह से डिम्पल की रिपोर्ट