चाईबासा: आयता गांव में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना के बाद नो एंट्री आंदोलन समिति ने प्रशासन पर दबाव बढ़ाते हुए क्षेत्र में नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई है। समिति के संयोजक रमेश बालमुचू के नेतृत्व में सदस्यों ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और सड़क सुरक्षा को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
रमेश बालमुचू ने कहा कि क्षेत्र में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोगों की जान जा रही है और कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के कारण अनेक परिवारों को भारी आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और सरकार की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर समिति द्वारा पूर्व में उपायुक्त, परिवहन मंत्री तथा राज्यपाल को भी आवेदन सौंपा जा चुका है। इसके अलावा ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर पदयात्रा कर मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास भी किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कई ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा और कुछ लोगों को जेल भी जाना पड़ा, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है।
बालमुचू ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द ही क्षेत्र में नो एंट्री व्यवस्था लागू नहीं करता है, तो समिति व्यापक जन आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी। उन्होंने लोगों से सड़क सुरक्षा और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील भी की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान रेयांस सामड, महेंद्र जामुदा, सन्नी संदीप देवगम, वीर सिंह बालमुचू, संदीप सरिल देवगम, उषा रानी सवैया समेत समिति के कई सदस्य उपस्थित थे।

