चाईबासा: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हाथीसेरेंग गांव में आदिवासी आस्था के केंद्र एवं पवित्र देशाउलि स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सहयोगी मुंडा बाजाय बानरा ने किया। इस दौरान गांव के दियुरि सेलाय पुरती के हाथों साल एवं महुआ के पौधों का रोपण किया गया।
जानकारी के अनुसार, 3 जून को पूरे गांव के लोगों ने सामूहिक श्रमदान कर देशाउलि स्थल के सौंदर्यीकरण का कार्य किया था। इसके बाद विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में देशाउली फाउंडेशन के संस्थापक साधु हो’ को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर साधु हो’ ने गांव के दियुरि सेलाय पुरती और मुंडा घनश्याम बानरा को “रैली फॉर जंगल अभियान” का टी-शर्ट देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में साधु हो’ ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस आदिवासी समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता के लिए व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय प्रकृति के सबसे करीब है और पर्यावरण संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में जगमोहन बानरा, कानु राम बानरा, सिदौम तांती, शंकर बानरा, गोपाल बानरा, सतीश बानरा, संजय बानरा सहित गांव के कई युवा और ग्रामीण उपस्थित रहे।

