बोकारो। जिले के राधानगर पंचायत अंतर्गत लावाटांड़ क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब रेलवे ट्रैक पर तीन युवकों के शव बरामद किए गए। यह स्थान बोकारो रेलवे स्टेशन से करीब नौ किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी बोकारो की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तीनों युवक किसी ट्रेन की चपेट में आए हैं, लेकिन उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो पाया है। घटनास्थल के पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिससे मामले ने और रहस्यमय रूप ले लिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल से मिले विभिन्न साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।
मृतकों की पहचान की प्रक्रिया के दौरान घटनास्थल से मिले आधार कार्ड के आधार पर एक युवक की पहचान बबलू सोरेन के रूप में हुई है। वह गोमिया प्रखंड के मडवाडीह, टीकाहारा, बरकी पुनु गांव निवासी सूरजलाल सोरेन का पुत्र बताया गया है। दूसरे मृतक की पहचान दीपक सोरेन के रूप में की जा रही है, हालांकि उसके संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। तीसरे युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी शिनाख्त के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में लापता व्यक्तियों की जानकारी खंगाल रही है।
दो मृतकों का उपनाम सोरेन होने के कारण यह संभावना भी जताई जा रही है कि दोनों एक-दूसरे के परिचित या रिश्तेदार हो सकते हैं। यदि ऐसा है तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों युवक एक साथ वहां कैसे पहुंचे और घटना के समय उनके साथ क्या हुआ था।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह महज एक रेल हादसा है, या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है? क्या तीनों युवकों ने सामूहिक रूप से कोई कदम उठाया, या फिर किसी आपराधिक साजिश का शिकार हुए? इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच कर रही है।
फिलहाल तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। तीसरे युवक की पहचान होने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

