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Wed. Jun 3rd, 2026

सीआरपीएफ डीआईजी विनोद कार्तिक, उपायुक्त मनीष कुमार और एसपी अमित रेनु ने की उच्चस्तरीय बैठक, सुरक्षा के साथ विकास को दी प्राथमिकता

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने तथा दुर्गम क्षेत्रों तक विकास योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। चाईबासा स्थित कार्यालय में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनु तथा सीआरपीएफ डीआईजी विनोद कार्तिक ने सुरक्षा, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे सुरक्षा अभियानों की समीक्षा की गई और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जिला प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय से न केवल नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती मिलेगी, बल्कि विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

चर्चा के दौरान सारंडा और कोल्हान क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क संपर्क, आजीविका संवर्धन और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के संतुलित प्रयास से ही क्षेत्र में स्थायी शांति और विश्वास का वातावरण स्थापित किया जा सकता है।

उपायुक्त मनीष कुमार और एसपी अमित रेनु ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि दूरदराज के ग्रामीण भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

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