जमशेदपुर/नई दिल्ली। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने कोल्हान क्षेत्र की लगभग 49 लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन पहुंचकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Jagat Prakash Nadda को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने साकची स्थित नवनिर्मित एमजीएम मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल परिसर को एम्स स्तर के सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित करने की मांग की है।
दुलाल भुईयां ने अपने ज्ञापन में कहा है कि पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले को मिलाकर बने कोल्हान प्रमंडल की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 49 लाख है। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद क्षेत्र में आज तक ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है, जहां गंभीर और जटिल बीमारियों का उच्चस्तरीय एवं समग्र उपचार उपलब्ध हो सके। परिणामस्वरूप मरीजों को रांची, भुवनेश्वर, कोलकाता, वेल्लोर और दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा संस्थान MGM Medical College and Hospital वर्षों से क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन यहां अभी भी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं, अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के नए भवन में लगभग 140 कमरे तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग डॉक्टरों के कक्ष, वार्ड और अन्य चिकित्सा गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, लेकिन हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, कैंसर, ट्रॉमा, नेफ्रोलॉजी और अन्य गंभीर बीमारियों के समुचित उपचार की व्यवस्था अब भी सीमित है।
दुलाल भुईयां ने यह भी कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनते हैं, लेकिन बेहतर संसाधनों और अवसरों के अभाव में अधिकांश चिकित्सक अन्य संस्थानों या राज्यों में चले जाते हैं। यदि एमजीएम अस्पताल को एम्स स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाता है, तो न केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार होगा।
अपने ज्ञापन में उन्होंने एक भावनात्मक पहलू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी माता स्वर्गीय श्रीमती गोसाई मनी देवी का निधन हृदयाघात के कारण हुआ था। उनका मानना है कि यदि कोल्हान क्षेत्र में अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होतीं तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि यह पीड़ा केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के हजारों परिवार समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिलने के कारण अपनों को खो चुके हैं।
ज्ञापन में दुलाल भुईयां ने उन प्रमुख जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों का भी उल्लेख किया, जिन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में समय पर समुचित उपचार नहीं मिल सका। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सुधीर महतो (Sudhir Mahto), पूर्व मंत्री रामदास सोरेन (Ramdas Soren), पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलूवा (Laxman Giluwa )तथा एमजीएम अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. शिव शंकर प्रसाद का नाम शामिल है।
उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग, किसान, मजदूर और ग्रामीण शहरी आबादी बहुल क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर लोग निवास करते हैं, जिनके लिए महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराना संभव नहीं होता। ऐसे में क्षेत्र में एम्स स्तर की स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करना समय की आवश्यकता है।
दुलाल भुईयां ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि साकची स्थित पुराने एमजीएम अस्पताल के स्थान पर विकसित किए जा रहे नए अस्पताल परिसर को चरणबद्ध तरीके से एम्स जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह मांग पूरी होती है तो इसका लाभ केवल कोल्हान ही नहीं, बल्कि झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के लाखों लोगों को मिलेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी और कोल्हान क्षेत्र को देश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में विकसित करने की दिशा में सकारात्मक पहल करेगी। ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि कोल्हान की जनता वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रही है और यह मांग क्षेत्र के लोगों के जीवन से सीधे जुड़ी हुई है। यदि यहां एम्स स्तर की चिकित्सा व्यवस्था स्थापित होती है, तो लाखों लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा और क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव आएगा।

