जमशेदपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव विनय चंद्रा द्वारा की गई शिकायत के बाद जमशेदपुर में उत्पन्न पेट्रोल और डीजल संकट का समाधान हो गया है। जनहित से जुड़े इस मामले में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक कदम उठाए, जिसके परिणामस्वरूप जिले में ईंधन की आपूर्ति फिर से सामान्य हो गई।यह दावा
एनएचआरसीसीबी द्वारा सोमवार को की गई है।
गत 14 मई को शहर के साकची, बिष्टुपुर, कदमा, मानगो, गोलमुरी और सिदगोड़ा समेत कई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं और कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा था। इससे आम लोगों, दैनिक यात्रियों तथा आपातकालीन सेवाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव विनय चंद्रा ने भारत सरकार के लोक शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। शिकायत में ईंधन की कमी, लोगों को घंटों कतार में खड़े रहने की मजबूरी, सीमित वितरण व्यवस्था, यातायात पर पड़ रहे प्रभाव, एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं पर संभावित संकट, कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंका तथा भ्रामक सूचनाओं के कारण फैल रही जन-चिंता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था।
शिकायत मिलने के बाद उसी दिन उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, तेल कंपनियों, पेट्रोल पंप संचालकों और पेट्रोल पंप संघ के प्रतिनिधियों की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में तेल कंपनियों को ईंधन आपूर्ति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि कृत्रिम अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही प्रशासन ने सामाजिक माध्यमों पर सक्रिय लोगों, वीडियो मंच संचालकों और समाचार माध्यमों से अपील की कि वे केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करें और अफवाहों से बचें।
जिला प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में पूर्वी सिंहभूम जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध है। प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
विनय चंद्रा ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाना हर जागरूक नागरिक और सामाजिक संगठन का दायित्व है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाए, जिससे आम लोगों को राहत मिली। उन्होंने उपायुक्त, प्रशासनिक अधिकारियों, तेल कंपनियों तथा सभी संबंधित पक्षों का आभार जताया।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो आगे भी नागरिक अधिकारों, जनहित और सार्वजनिक कल्याण से जुड़े विषयों को जिम्मेदारी के साथ उठाता रहेगा तथा प्रशासन और जनता के बीच सकारात्मक संवाद को मजबूत करने का कार्य जारी रखेगा।

