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Wed. May 27th, 2026

एसीसी प्लांट को बचाने की मांग तेज, 31 मई को होगी त्रिपक्षीय वार्ता

चाईबासा: झींकपानी स्थित एसीसी अदानी सीमेंट प्लांट में मजदूरों की छंटनी और प्लांट बंद होने की आशंका को लेकर मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच मंत्री दीपक बिरुवा की पहल पर 31 मई को एसीसी प्रांगण में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 29 मई को प्रस्तावित जिला समाहरणालय तक की पदयात्रा को रद्द कर दिया गया।

मजदूरों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एसीसी सीमेंट प्लांट को बंद होने से बचाने के लिए एसीसी बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति संयोजक रमेश बालमुचू व अन्य ने इस मामले को लेकर 24 मई को मजदूरों,स्थानीय ग्रामीणों के साथ एक विशेष बैठक कर आंदोलन आंदोलन का आह्वान किया और घोषणा किया गया कि 29 मई को झींकपानी से चाईबासा सैकड़ों की संख्या मे न्याय पदयात्रा कर उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम और सदर विधायक सह मंत्री श्री दीपक बिरुआ को ज्ञापन सौंपा जाएगा ।जानकारी के अनुसार, बीते 30 अप्रैल से शटडाउन के नाम पर प्लांट में मजदूरों की छंटनी की जा रही है। इससे स्थानीय मजदूरों के सामने रोजगार और आजीविका का संकट गहरा गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार प्लांट का पावर हाउस बंद कर दिया गया है। वहीं लोडिंग, अनलोडिंग और डिस्पैच कार्य भी पूरी तरह ठप हो गया है। प्लांट के मशीनरी पार्ट्स, कोयला, सेलेक और क्लिंकर को अन्य प्लांटों में भेजे जाने की बात सामने आने के बाद मजदूरों और ग्रामीणों के बीच प्लांट बंद होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि अब तक प्लांट बंद करने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मजदूरों और ग्रामीणों ने कहा कि झींकपानी की पहचान और स्थानीय अर्थव्यवस्था इस प्लांट से जुड़ी हुई है। वर्षों से इस कारखाने ने हजारों परिवारों को रोजगार दिया है। मजदूर, किसान, वाहन चालक, दुकानदार, ठेकेदार और अन्य छोटे कारोबारी सीधे तौर पर इस उद्योग पर निर्भर हैं। लोगों का कहना है कि प्लांट बंद होने से बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

एसीसी बचाओ संघर्ष समिति की प्रस्तावित पदयात्रा की जानकारी मिलते ही मंत्री दीपक बिरुआ ने तुरंत संज्ञान लिया और जेएमएम झींकपानी प्रखंड अध्यक्ष व पूरी टीम,मजदूर नेतृत्वकर्ताओं को सर्किट हाऊस चाईबासा बुलाया और सुझाव दिया कि मजदूरों और ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पदयात्रा कर ज्ञापन देने की जरूरत नहीं है अतः समन्वय स्थापित कर 29 मई को प्रस्तावित पदयात्रा को स्थगित करने हेतु पहल किया जाए माँगों को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता हेतु पहल की जाएगी उन्होंने जिला उपायुक्त, सांसद जोबा मांझी, पश्चिमी सिंहभूम के सभी विधायकों, एसीसी प्रबंधन, ग्रामीणों और मजदूरों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता कराने की पहल की।

इसके बाद जोड़ापोखर में पार्टी के पदाधिकारियों,एसीसी बचाओ संघर्ष समिति और मजदूरों,स्थानीय लोगों के बीच हुई बैठक में 29 मई की पदयात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया गया। अब 31 मई को एसीसी प्रांगण में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।

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