चाईबासा: दिल्ली के लाल किला मैदान में 24 मई को आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैठक कर नाराजगी व्यक्त की तथा विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान आदिवासी शब्द का प्रयोग नहीं किया और लगातार वनवासी शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी अलग संस्कृति, परंपरा और पहचान है, जिसे बदलने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान को किसी अन्य शब्द से परिभाषित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वनवासी शब्द आदिवासी अस्मिता और सम्मान को कमजोर करने का प्रयास है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी पहचान को लेकर हमेशा स्पष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को वनवासी कहकर संबोधित करना उचित नहीं है और इस विषय पर अमित शाह को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बैठक में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अमित शाह और भाजपा को आदिवासी समाज से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
बैठक में जम्बी कुदादा, सकारी दोंगो, सुनीता लकड़ा, विजय तिग्गा, राखी सालुजा, अशरफुल होदा, विनीत लागुरी, अमृत माझी, मो. इमरान, राजू कोड़ा, शैली शैलेन्द्र सिंकु, मो. फिरोज अहमद, विकास केराई, मो. जहाँगीर आलम, हरिचरण कुम्हार सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

