चाईबासा: झींकपानी-टोंटो क्षेत्र में स्थित एसीसी प्लांट को बचाने की मांग को लेकर एसीसी बचाओ संघर्ष समिति ने क्षेत्रवासियों से एकजुट होने की अपील की है। समिति ने कहा है कि यह प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं बल्कि क्षेत्र की साझा विरासत और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है।
समिति के अनुसार आजादी से पहले स्थापित इस प्लांट ने कई पीढ़ियों को रोजगार दिया है। मजदूर, किसान, वाहन चालक, दुकानदार, ठेकेदार और छोटे व्यापारी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस प्लांट पर निर्भर हैं। प्लांट के बंद होने की आशंका से क्षेत्र में बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट का खतरा बढ़ गया है।
समिति ने कहा कि प्लांट बंद होने से स्थानीय बाजारों पर असर पड़ेगा, बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक औद्योगिक पहचान खत्म हो जाएगी। समिति ने सवाल उठाया कि आखिर किन कारणों से यह स्थिति उत्पन्न हुई और अब समय बहस नहीं बल्कि आंदोलन और जनदबाव का है।
एसीसी बचाओ संघर्ष समिति ने क्षेत्र के मानकी, मुण्डा, पंचायत प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से एकजुट होकर प्लांट बचाने की लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।
इस संबंध में 24 मई 2026, रविवार सुबह 7 बजे जोड़ापोखर, झींकपानी स्थित पुराने पंचायत भवन के पीछे नली पेड़ के नीचे एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

