जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने राशन कार्डधारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे लंबे समय तक अपने कार्ड पर राशन का उठाव नहीं करेंगे तो उनका नाम सूची से हटाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सत्यापन अभियान चलाकर अब तक 1 लाख 89 हजार 546 फर्जी एवं निष्क्रिय लाभुकों के नाम राशन कार्ड सूची से हटा दिए हैं। उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि पात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने के लिए अपात्र और निष्क्रिय लाभुकों को चिन्हित कर हटाना जरूरी है।
शनिवार को डीसी कार्यालय सभागार में आयोजित आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना, डाकिया योजना, मुख्यमंत्री चना-दाल योजना तथा राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में जिला आपूर्ति विभाग ने बताया कि संदिग्ध आधार वाले 22,975 मामलों में से 22,689 लाभुकों के नाम हटाए गए हैं। वहीं निष्क्रिय राशन कार्ड के 1,64,237 मामलों में से 1,47,439 नाम हटाए जा चुके हैं। डुप्लीकेट लाभुकों के 25,321 मामलों में से 14,417 नाम सूची से हटाए गए हैं। इसके अलावा राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 16,399 मामलों की जांच में 5,001 लाभुकों के नाम हटाए गए, जबकि कई मामलों की जांच अभी जारी है।
उपायुक्त राजीव रंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लाभुक एक वर्ष से राशन नहीं उठा रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर सूची से हटाया जाए ताकि योग्य और जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पात्र लाभुकों तक समय पर राशन पहुंचना चाहिए।
बैठक में डाकिया योजना की भी समीक्षा की गई। पटमदा, पोटका और गोलमुरी-जुगसलाई क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण लंबित मिलने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आदिम जनजाति परिवारों को हर माह 10 तारीख के बजाय 5 तारीख तक राशन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जन वितरण प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग, शिकायतों के त्वरित निष्पादन और गोदाम मरम्मत कार्य को इस माह के अंत तक पूरा करने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

