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कुमारडुंगी में युवाओं के सामाजिक भटकाव पर चिंता, जागरूकता बढ़ाने पर जोर

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी प्रखंड में ग्रामीण युवाओं के बीच बढ़ते सामाजिक भटकाव और अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। धनसारी स्थित साइन बोर्ड चौक पर आयोजित इस बैठक में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व ग्रामीण मुण्डा किटी सरदार पाट पिंगुवा ने किया।

बैठक का आयोजन मानकी-मुण्डा संघ एवं आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा की संयुक्त पहल पर किया गया था। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई युवा सामाजिक गतिविधियों से दूर होकर गलत संगति और नशे की ओर बढ़ रहे हैं, जिसे समय रहते रोकना जरूरी है। इसके लिए परिवार, समाज और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई गई।

बैठक में कम उम्र के बच्चों में बीड़ी, सिगरेट और गांजा सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति, बाल विवाह, असामाजिक गतिविधियों तथा असंवैधानिक कार्यों जैसे मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखनी चाहिए और उन्हें शिक्षा, खेलकूद तथा सामाजिक कार्यों से जोड़ना चाहिए।

मानकी-मुण्डा संघ और आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के प्रतिनिधियों ने समाज की मुख्यधारा से भटक रहे युवाओं को प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर की समितियों से जोड़कर सकारात्मक दिशा देने की बात कही। बैठक में सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर मानकी-मुण्डा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड, महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, जगन्नाथपुर अनुमंडल उपाध्यक्ष पुतकर लागुरी, शिक्षक महेश पाट पिंगुवा, महिपाल पाट पिंगुवा, चंद्रमोहन पाट पिंगुवा, जोटेया पाट पिंगुवा, पुस्तम पाट पिंगुवा और बबलू पाट पिंगुवा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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