चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर-सोनुवा मुख्य मार्ग पर हुए दर्दनाक बस-बाइक हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद शनिवार को ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने पहले सोनुवा रोड और बाद में चक्रधरपुर-रांची मुख्य मार्ग एनएच-75 (ई) स्थित चेकनाका चौक को जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार बस और बाइक की सीधी टक्कर में चेलाबेड़ा गांव निवासी कृष्णा नायक तथा सोनुवा क्षेत्र के तयरा गांव निवासी गणेश नायक और श्यामलाल गोप की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद तीनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
शनिवार को मृतकों के परिजन और ग्रामीण पहले अपनी मांगों को लेकर चक्रधरपुर थाना पहुंचे। वहां संतोषजनक पहल नहीं होने पर लोगों ने सोनुवा रोड जाम कर दिया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-75 (ई) के चेकनाका चौक पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। तेज धूप के बावजूद महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण सड़क पर डटे रहे। इस दौरान एंबुलेंस को छोड़कर सभी छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित रहा।
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद अंचलाधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा और थाना प्रभारी अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।
मृतकों के परिजनों ने बस मालिक से प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। हालांकि प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के रूप में अंतिम संस्कार के लिए दस-दस हजार रुपये उपलब्ध कराए गए, लेकिन इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि परिवार के कमाऊ सदस्यों की मौत हुई है, ऐसे में उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
इधर थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सहायता मृतकों के परिजनों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिजन लिखित आवेदन देते हैं तो संबंधित बस का परमिट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
उधर, पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में कराया। बताया गया कि शनिवार सुबह ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण इसमें देरी हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है।

