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Fri. May 15th, 2026

कुकड़ू में जंगली हाथी का तांडव, घर तोड़कर खाया अनाज, दहशत में ग्रामीण

चांडिल। सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। चांडिल वन क्षेत्र के लेटेंमदा गांव में गुरुवार रात झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी के गांव में घुसने से पूरी रात ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी और भय का माहौल बना रहा।

जानकारी के अनुसार देर रात अचानक एक जंगली हाथी गांव मेंर पहुंच गया और कई घरों के आसपास घूमने लगा। इस दौरान हाथी ने मुला महतो और उत्तम महतो के घर को निशाना बनाते हुए दीवार और दरवाजे को तोड़ दिया। घर के अंदर रखे धान, चावल और अन्य खाद्यान्न को हाथी ने खा लिया। हाथी के हमले में मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के समय परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे, लेकिन किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हालांकि घटना के बाद परिवार दहशत में है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथी काफी देर तक गांव में घूमता रहा, जिससे लोग पूरी रात जागते रहे। हाथी के डर से कई परिवार अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। बाद में ग्रामीणों ने हो-हल्ला, ढोल और टॉर्च की रोशनी के सहारे हाथी को गांव से बाहर भगाने का प्रयास किया, जिसके बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया।

बताया जा रहा है कि कुकड़ू और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से हाथियों की गतिविधि लगातार बढ़ी हुई है। इससे पहले बुधवार रात आदारडीह-चौका गांव में भी झुंड से बिछड़े एक हाथी ने ग्राम प्रधान गुरुपद गोप के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। उस घटना में भी परिवार के लोग बाल-बाल बच गए थे। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय के साथ-साथ वन विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक से स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही हो रही है, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और गांवों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।

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