रांची। राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने डेली मार्केट स्थित नटराज होटल में छापेमारी कर मॉनिटर लिजार्ड तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान होटल के एक कमरे से मॉनिटर लिजार्ड के 30 मृत अवशेष बरामद किए गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस मामले में वन विभाग ने राजीव रंजन मिश्रा, अविनाश आनंद और अरुण राम को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी रांची के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। छापेमारी के बाद आरोपियों से लंबी पूछताछ की गई, जिसके आधार पर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में शामिल है और इसकी तस्करी पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अंगों और अवशेषों का उपयोग अवैध कारोबार, अंधविश्वास तथा कथित पारंपरिक दवाओं में किए जाने की आशंका रहती है। यही कारण है कि अंतरराज्यीय स्तर पर इसकी तस्करी लंबे समय से वन्यजीव अपराध एजेंसियों के निशाने पर रही है।
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। बरामद अवशेषों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है और आरोपियों के मोबाइल व अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। वन विभाग और WCCB की संयुक्त टीम अब इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
वन विभाग ने कहा है कि राज्य में वन्यजीवों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

