जमशेदपुर। राज्य सरकार के निर्देश पर कोल्हान विश्वविद्यालय में लागू किए गए क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ शुक्रवार को छात्रों का गुस्सा खुलकर सामने आया। साकची स्थित Kolhan University से संबद्ध ग्रेजुएट कॉलेज के मुख्य द्वार पर छात्र संघ नेताओं और विभिन्न कॉलेजों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने धरना-प्रदर्शन कर व्यवस्था को वापस लेने की मांग उठाई। आंदोलन में विशेष रूप से जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज और ग्रेजुएट कॉलेज के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र हिमांशु शेखर, खालको पूर्ति समेत अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि क्लस्टर सिस्टम लागू होने के बाद जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई बंद कर दी गई है। इसके कारण छात्रों को एलबीएसएम कॉलेज और को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थानांतरित किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि कदमा और मानगो क्षेत्र के गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वर्कर्स कॉलेज ही सबसे सुलभ सरकारी कॉलेज था, लेकिन अब 8 से 10 किलोमीटर दूर पढ़ाई करने जाना आर्थिक रूप से मुश्किल होगा।
धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने यह भी सवाल उठाया कि एक ही डिग्री और मार्कशीट में अलग-अलग कॉलेजों के नाम दर्ज होने से भविष्य में नौकरी के दौरान परेशानी हो सकती है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बिना तैयारी छात्रों का भविष्य खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए वर्कर्स कॉलेज में आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई फिर से शुरू करने तथा क्लस्टर सिस्टम में संशोधन की मांग की।

