चाईबासा: सदर अस्पताल चाईबासा में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कथित लापरवाही के खिलाफ झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा ने 26 मई 2026 को एक दिवसीय धरना देने की घोषणा की है। धरना अस्पताल के मुख्य द्वार पर आयोजित किया जाएगा।
इस संबंध में बुधवार को खुटखट्टी मैदान के पास शुभम रेस्टोरेंट में मोर्चा के अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल और वरिष्ठ सदस्य रेयांश सामड ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी, दवाओं और ब्लड की अनुपलब्धता, खराब चिकित्सा व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्त्री रोग, मानसिक रोग और चर्म रोग समेत कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए जमशेदपुर और रांची जाना पड़ता है। ICU और बर्न वार्ड की स्थिति भी खराब है।
अस्पताल में कई पंखे खराब हैं और पर्याप्त बेड नहीं हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। हाल ही में बर्न वार्ड से एक बच्ची के बाहर निकलकर सड़क पर पहुंच जाने की घटना का भी उल्लेख किया गया।
मोर्चा ने अस्पताल में हुई कुछ घटनाओं को भी गंभीर बताते हुए कहा कि एक मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी, जबकि एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक पिता को अपने बच्चे का शव थैले में लेकर घर जाना पड़ा था।
मोर्चा ने स्वास्थ्य विभाग के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें ब्लड बैंक को अपग्रेड कर तीन शिफ्ट में चालू करना, हर शिफ्ट में टेक्नीशियन की नियुक्ति, इमरजेंसी वार्ड में पर्याप्त डॉक्टरों की व्यवस्था, USG सेवा प्रतिदिन उपलब्ध कराना, CT स्कैन और MRI मशीन चालू करना तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति शामिल है।
इसके अलावा ICU, बर्न वार्ड और लेबर रूम की व्यवस्था सुधारने, अस्पताल की सुरक्षा मजबूत करने, HIV पीड़ित परिवारों को मुआवजा और रोजगार देने, पोस्टमार्टम में अवैध वसूली रोकने, ग्रामीणों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल बनाने और जिला लैब में जरूरी जांच शुरू करने की मांग भी की गई है।
मोर्चा ने कहा कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

