जमशेदपुर। गोलमुरी थाना पुलिस ने सरिया गबन और जालसाजी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में वाहन मालिक, चालक और चोरी का माल खरीदने वाला दुकानदार शामिल है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 29 टन सरिया भी बरामद कर लिया है। मामले का खुलासा मंगलवार को सिटी डीएसपी सुनील कुमार चौधरी ने प्रेस वार्ता के दौरान किया।
डीएसपी ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 22 अप्रैल को हुई थी, जब भुईयांडीह शांतिनगर निवासी अखिलेश यादव ने गोलमुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि वाहन संख्या CG15CZ-2138 के मालिक बलवंत कुमार यादव और चालक सुमंत कुमार ने मिलीभगत कर ट्रांसपोर्ट के लिए भेजे गए सरिया को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही बेच दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोलमुरी थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद 11 मई को गढ़वा जिले में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में वाहन मालिक बलवंत कुमार यादव और चालक सुमंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि गबन किया गया सरिया गढ़वा जिले के भवनाथपुर स्थित एक व्यवसायी गुड्डू कुमार यादव को बेच दिया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने भवनाथपुर में छापेमारी कर दुकानदार गुड्डू कुमार यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने गबन किए गए कुल 540 बंडल सरिया बरामद कर लिए, जिनका वजन लगभग 29 टन बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी बलवंत कुमार यादव और सुमंत कुमार आपस में सगे भाई हैं और गढ़वा जिले के धुर्की थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसे जांच के लिए खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह का संबंध सरिया और अन्य सामान की अवैध बिक्री से जुड़े बड़े नेटवर्क से भी हो सकता है। इस पहलू पर भी पुलिस जांच कर रही है।
सिटी डीएसपी ने बताया कि पूरे अभियान में गोलमुरी थाना के एसआई राज रौशन सिन्हा, इन्द्रदेव राम, रफीक आलम समेत सशस्त्र बल के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी आरोपियों को आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

