Breaking
Sat. May 2nd, 2026

हजारीबाग में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में जमशेदपुर प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मंत्री से माफी की मांग तेज

जमशेदपुर : हजारीबाग में हाल ही में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना के विरोध में शनिवार को जमशेदपुर में प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में शहर के बड़ी संख्या में पत्रकार और मीडिया कर्मी शामिल हुए तथा घटना के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया।

प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के नेतृत्व में सभी पत्रकार एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई। उन्होंने उपायुक्त राजीव रंजन को पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपा।इस दौरान पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से घटना को लेकर तत्काल पत्रकार समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि मंत्री की ओर से जल्द माफी नहीं मांगी गई, तो यह विरोध केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के अध्यक्ष मनोज सिंह ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों ने जब मंत्री से सवाल पूछने की कोशिश की, तब उनके समर्थकों ने अभद्र व्यवहार किया और मारपीट तक की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।

मनोज सिंह ने यह भी कहा कि घटना के बाद अब तक राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पत्रकारों में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और मंत्री माफी नहीं मांगते हैं, तो प्रेस क्लब राज्यभर के पत्रकार संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा।

प्रदर्शन के दौरान प्रेस क्लब के महामंत्री विनय पूर्ति कोषाध्यक्ष अजय महतो समेत जमशेदपुर के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि मीडिया लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और यदि पत्रकारों की आवाज दबाने की कोशिश की जाएगी, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Related Post