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Fri. May 1st, 2026

एक साल से बेटे से नहीं था कोई संपर्क, मुठभेड़ में मारे गए इस्माइल पूर्ति पर परिजनों ने तोड़ी चुप्पी, आज हुआ पोस्टमार्टम

चाईबासा: कोल्हान क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी नक्सली इस्माइल पूर्ति उर्फ इजराइल उर्फ अमृत को लेकर उसके परिवार ने सामने आकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। परिजनों ने स्पष्ट किया कि पिछले एक वर्ष से उनका उससे कोई संपर्क नहीं था और हालिया मुलाकात की जो बातें सामने आ रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं।

शुक्रवार को सदर अस्पताल चाईबासा में इस्माइल पूर्ति के शव का पोस्टमार्टम किया गया। यह प्रक्रिया प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की निगरानी में पूरी की गई, जहां तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने विधिवत पोस्टमार्टम किया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। अस्पताल परिसर में इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और माहौल गमगीन बना रहा।

मृतक के पिता चरण पूर्ति और माता मसूरी पूर्ति ने बताया कि वे अपने बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन पिछले एक साल में न तो उससे मुलाकात हो पाई और न ही किसी तरह की बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि बेटे के हालिया संपर्क या घर आने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। बड़े भाई दुकुरा पूर्ति ने बताया कि वर्ष 2019 में, जब इस्माइल पांचवीं कक्षा में पढ़ रहा था, तभी नक्सली उसे अपने साथ ले गए थे। उस समय से परिवार लगातार उसे समझाकर वापस लाने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह मुख्यधारा में नहीं लौट सका।

परिजनों ने भावुक होकर कहा कि अगर इस्माइल उनकी बात मान लेता और समय रहते घर लौट आता, तो शायद आज उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में वह बंदूक के रास्ते पर चला गया, जो अंततः उसके लिए घातक साबित हुआ।

गौरतलब है कि 29 अप्रैल को रुटूगुटू जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में इस्माइल पूर्ति मारा गया था। वह क्षेत्र में सक्रिय एक हार्डकोर नक्सली बन चुका था और प्रशासन ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इस घटना के बाद जहां सुरक्षा बल इसे बड़ी सफलता मान रहे हैं, वहीं परिवार के लिए यह गहरा सदमा बनकर सामने आया है।

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