Breaking
Tue. Apr 7th, 2026

धरना से पहले ,रेलवे ने मानी देरी की बात, सरयू राय बोले—तुरंत हो समाधान 

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ बैठक कर टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों की लगातार हो रही देरी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें सीनियर डीसीएम, एरिया मैनेजर, डिवीजनल इंजीनियर और आरपीएफ प्रभारी शामिल थे।

बैठक के दौरान रेलवे अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय से यात्री ट्रेनें टाटानगर जंक्शन पर निर्धारित समय से काफी विलंब से पहुंच रही हैं। उन्होंने इसके पीछे विभिन्न परिचालन कारणों का हवाला देते हुए बताया कि समस्या के समाधान के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिन्हें लागू होने में कुछ महीनों का समय लग सकता है।

इस पर सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि जनता को भविष्य की योजनाओं से नहीं, बल्कि तत्काल राहत से मतलब है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से पूछा कि दो-चार दिनों के भीतर ट्रेनों की लेटलतीफी कैसे कम की जाएगी और इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी 7 अप्रैल को प्रस्तावित नागरिक धरना का मुख्य उद्देश्य इसी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

सरयू राय ने रेलवे से पिछले तीन-चार महीनों के दौरान टाटानगर जंक्शन पहुंचने वाली प्रमुख ट्रेनों की देरी का पूरा विवरण मांगा। उन्होंने कहा कि रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह विश्लेषण किया जाए कि किन कारणों से देरी हो रही है और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है।

डीआरएम ने इस पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोमवार तक पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरयू राय को उपलब्ध कराई जाए। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि देरी के कारणों को कम समय में दूर करना संभव है या नहीं।

बैठक में सरयू राय ने यह भी सुझाव दिया कि यदि जरूरत पड़े तो कुछ मालगाड़ियों को थोड़ी देर के लिए रोककर यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे देरी में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक रेलवे अधिकारी इस समस्या का त्वरित और प्रत्यक्ष समाधान नहीं दिखाते, तब तक उनके आश्वासनों पर भरोसा करना मुश्किल है।

उन्होंने दोहराया कि 7 अप्रैल को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर निर्धारित नागरिक धरना अपने तय समय और स्थान पर ही आयोजित किया जाएगा। साथ ही उम्मीद जताई कि रेलवे प्रशासन अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करेगा कि ट्रेनों की लेटलतीफी को जल्द से जल्द कैसे दूर किया जाएगा, ताकि आम यात्रियों का भरोसा बहाल हो सके।

Related Post